किसानों पर टूटा कुदरत का कहर ,बेमौसम बारिश ने किसानों की फसलों को किया बर्बाद।

बिलसंडा।इस बार रबी फसल पर प्रकृति कहर बनकर टूट रही है। मौसम के बिगड़े मिजाज के आगे अन्नदाता बेबस बने हुए हैं। आंधी-पानी और ओलावृष्टि से गेहूं समेत अन्य रबी फसल तो तबाह हो ही गई, सब्जी की फसल पर भी बुरा असर पड़ने लगा है। एक-आध हफ्ते बीच कर हो रही बारिश से किसानों की बची-खुची उम्मीदें भी दम तोड़ रही है। खेत से फसलों को समेट अनाज घर ले जाने की जुगत में लगे किसानों को इस बार की बारिश ने करारा झटका दिया है।
बेमौसम बारिश से किसानों की हालत बेहद खराब हो गई है। उनके नुकसान की भरपाई शायद ही हो पाएगी।
 वैसे तो सरकार ने क्षति का आकलन करा मुआवजा देने की घोषणा कर दी है, परंतु मुआवजा की राशि किसानों के पास कब तक पहुंच पाएगी, यह कह पाना मुश्किल है। 
 सरकार सिर्फ घोषणा करती है किसानों को समय से मुआवजा नहीं मिल पाता। इस बार रबी सीजन में जनवरी माह से ही मौसम का कहर जारी है। जनवरी-फरवरी में कुहारा के कारण फसलें प्रभावित हुई। बाद में बारिश ने रही-सही कसर पूरी कर दी। बारिश ने तो इस बार किसानों की कमर ही तोड़ कर रख दी है। दलहन-तेलहन समेत गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। प्रकृति के प्रकोप से इस बार के टूटे किसान शायद ही एक-दो वर्षो में संभल पाएंगे। इस बार बारिश ने उनके मुंह का निवाला पूरी तरह छीन लिया है। खेत में बची-खुची खड़ी फसलों के अनाज उनके घर तक पहुंच भी पाएंगे या नहीं इसे लेकर किसान परेशान है।

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