होलिका की अग्नि में डाली जा सकती है हवन सामग्री इससे वायुमंडल तो शुद्ध होगा ही साथ ही कोरोना जैसे वायरस भी नष्ट करने में भी सहायक होंगे

दिल्ली -  9 मार्च को देशभर में होलिका दहन के कार्यक्रमों होंगे, गली मोहल्लों में होलिका सजाई जाएगी, जिसकी पूजा अर्चना भी होगी। इसे भारतीय संस्कृति की खूबसूरती ही कहा जाएगा कि होलिका के दहन के अवसर पर बड़ी संख्या में स्त्री-पुरुष बच्चे उपस्थित रहेंगे। अनेक लोग अन्न की बालियां सेंकेंगे, तो वहीं होलिका की अग्नि को अपने घर ले जाकर घर के वातावरण को भी शुद्ध करेंगे। दिन में महिलाएं होलिका की पूजा अर्चना पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ करेंगी। 
अनेक महिलाएं तो गोबर से बनी गुलरियां आदि होलिका पर चढाएंगी। चूंकि इन दिनों कोरोना वायरस की दहशत भारत में भी है, इसलिए होलिका की अग्नि में हवन सामग्री डालकर वातावरण को शुत्र करने के साथ-साथ कोरोना जैसे वायरस को भी नष्ट किया जा सकता है। भारतीय सनातन संस्कृति में मान्यता है कि जहां हवन करने से अनेक प्रकार के कष्ट दूर होते हैं, वहीं वातावरण भी शुद्ध होता है, जिसका प्रभाव मनुष्य के जीवन पर पड़ता है। ऐसे में यदि होलिका की अग्नि में  लौंग, कपूर, जावित्री, चंदन, कस्तूरी, केसर, जायफल, गूगल, गिलोय आदि डाली जाए तो मौजूदा माहौल में उपयोगी रहेगा। चूंकि भारत की हर गली मोहल्ले में होलिका दहन होगा, ऐसे में एक साथ पूरे वातावरण को शुद्ध किया जा सकता है। जरूरी नहीं कि प्रत्येक व्यक्ति हवन की सम्पूर्ण सामग्री डाले। लोग अपने सुविधा से थोड़ी बहुत सामग्री अग्नि को समर्पित कर सकते हैं।

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