बिजली विभाग की गुंडागर्दी या लापरवाही मीटर लगा है तो बिल आएगा ग्रामसभा में बिजली सप्लाई हो या ना हो - India Public News

अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश (अमित माँझी) -  आलापुर तहसील के अंतर्गत ग्रामसभा मकरही के  गुरौटिया  पुरवा में राजीव गांधी ग्रामीण विद्युत योजना के तहत विक्रम होना था ग्राम सभा में खंभा गिरा, लोगों को कनेक्शन भी हुआ, बिजली विभाग ने घर घर मीटर भी दे दिया परंतु बिजली विभाग ग्रामसभा में लाइट सप्लाई नहीं कर सका, ग्रामीणों का आरोप है कि जिस स्थान पर सर्वे हुआ था वहां पर जमीन विवाद है परंतु क्या बिजली विभाग और रास्ता निकाल सकता किसी अन्य रास्ते से ग्राम सभा में बिजली आ सकती हैं, जबकि ग्रामीण छोटे से बड़े हर स्थान पर चाहे अधिकारी हो या जनप्रतिनिधि इस बात को सबको लिखित माध्यम से अवगत करा चुके हैं सबसे बड़ी समस्या, सप्लाई नहीं तो बिजली का बिल कैसा, यहां तक कि ग्रामीण थक हार कर भाजपा जिला अध्यक्ष और विधायक अनीता कमल से मिलकर सामूहिक संख्या में लिखित शिकायत दिया परंतु मामला जैसा का तैसा पड़ा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि बिल के मामले में एक्सीएन से बात करने पर पता चला कि मीटर लगा है तो  बिल तो आएगा ही।


क्या यही है बिजली विभाग का नियम कि अगर उनके कागज में लिखा गया कि गांव में बिजली पहुंच चुकी है तो बिल भेजते रहेंगे, परंतु उपभोक्ता चाहे जितनी  शिकायत करें कि हमारे गांव में बिजली नहीं पहुंचा है कृपया बिजली पहुंचाई जाए तो क्या यह बिजली विभाग का काम नहीं है की बिजली किसी तरीके से गांव में पहुंचना चाहिए मान लीजिए जिस  स्थान पर सर्वे हुआ था वहां के जमीन पर विवाद है क्या सर्वे करते समय विभाग को विवादित जमीन को सर्वे करने की क्या जरूरत पड़ी, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि हमको बिजली चाहिए वह चाहे जिस रास्ते से आए बहुत से रास्ते हैं जिसके माध्यम से बिजली आ सकती है माना जाए अगर गांव में बिजली पहुंचने की व्यवस्था नहीं है तो बिजली विभाग ने किस तरीके से गांव में कनेक्शन कर दिया, उपभोक्ता के घर मीटर लगा दिया तथा बिल भी भेजने लगा, क्या जो विभागीय कर्मचारी बिल निकालते हैं उनको नहीं पता की बिना बिजली जले किस तरीके से बि भेज रहे हैं क्या उनको लिखकर नहीं देना चाहिए कि इस गांव का बिजली का बिल भेजना बंद किया जाए क्योंकि विभाग अभी इस गांव में सप्लाई नहीं चालू करा पाई है ग्रामीणों का कहना है कि एक्सीएन  बताते हैं कि जब कागज में कनेक्शन लग गया है बिजली का बिल आएगा ही ऐसी कौन सी व्यवस्था है जो कागज में लग जाए परंतु जमीन पर लगे तो कैसे मान लिया जाए की बिल आधा चाहिए , 

जबकि ग्रामीण बार-बार शिकायत कर रहे हैं कि हमारे यहां बिजली नहीं है तो क्या विभाग को ध्यान नहीं देना चाहिए अब बात करते हैं यहां के जनप्रतिनिधि क्षेत्रीय जनता  सोचती है कि हम जिस व्यक्ति को अपना  जनप्रतिनिधि बनाएं कि वह हमारी बात सुन सके और हमारे समस्या का समाधान कर सके और यही सोच कर ग्रामीण भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष सहित आलापुर की लोकप्रिय विधायक अनीता कमल को सामूहिक रूप से लिखित अवगत कराया परंतु जनप्रतिनिधि इस पर ध्यान नहीं दिए ,मान लीजिए कि एक व्यक्ति उसमें गलत हो सकता है परंतु मामला पूरे गांव का है क्या पूरे गांव ही गलत है क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हर घर बिजली पहुंचाने का सपना इसी तरीके से पूरा होगा मामला कुछ भी हो यहां पर सरकारी धन  बर्बाद हो रहा है क्योंकि रोड पर पढ़े खंभे, कहीं-कहीं पर खड़े खम्भे ,किसी किसी खमभे पर लगे बिजली के तार ग्राम सभा में लगे ट्रांसफार्मर क्या यह धन की बर्बादी नहीं है मामला कुछ भी हो लेकिन बिजली विभाग को चाहिए या तो गांव में बिजली का सप्लाई किसी भी माध्यम से करें किसी भी रास्ते से कनेक्शन दें नहीं तो पूरी ग्रामीणों का बिल माफ कर करते हुए अपना खंभा ट्रांसफार्मर और तार को उठा ले जाना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सपनों को एक फाइल में बंद कर देना चाहिए।



अमित माँझी 
अम्बेडकर नगर उत्तर प्रदेश

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