सीसवाली मे अवैध बजरी का खेल जारी, नही रूक रहा अवैध बजरी का धन्धा
बारां /राजस्थान (रविन्द्र कहार)- खनिज संपदा लूटने में जुटे जिम्मेदार, हिफाजत के नाम पर रच रहे ढोंग
अवैध बजरी व मिट्टी खनन के खेल में सब भागीदार, प्रशासन और नेता खा रहे मलाई,
बारा जिले के सीसवाली कस्बे की खाड़ी नदी की तलहटी से खनन माफियाओं द्वारा जेसीबी मशीन से टेक्ट्रर ट्राली में भरकर अवैध बजरी निकाली जा रहे हैं ।जिससे पुरा रोड गिला हो जाता है वहीं भैरूपुरा का पुरा रोड क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे निकलने वाले वाहन चालक असंतुलन होकर गिर कर घायल हो जाते हैं।घायल व्यक्ति श्याम पुत्र किशोरीलाल ने बताया की सोमवार सुबह अपनी बाईक से सब्जी बेचने जा रहा था ।जो भैरूपुरा पुलिया पर अवैध बजरी से भरकर कर स्पीड से आ रहे टेक्ट्रर ट्राली मेरे पीछे से तेजगती में होर्रन लगाता हुआ निकल रहा था । जिससे बचने के चक्कर में बाइक को साइड में लेने लगा तो बाइक का सन्तुलन बिगड़ गया और में बाइक सहित भैरूपुरा खाड़ी नदी की पुलिया के निचे गिर गया था। जिससे में गंभीर रूप से घायल हो गया था।
वहीं भैरूपुरा गांव के अन्दर से अवैध बजरी से भरकर टेक्ट्रर ट्राली निकलते रहते हैं चालक शराब के नशे मे रात के समय तेज स्पिड मे टेप बजाते हुए निकलते हैं जिससे लोगों को रात के समय निन्द तक नहीं आती है वहीं पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी आती है।पहले भी भैरूपुरा गांव में अवैध बजरी के टेक्ट्रर ट्राली से दुर्घटना हो चुकी है मगर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
सीसवाली कस्बे सहित आसपास के क्षैत्र मे इन दिनो अवैध बजरी, मिट्टी खनन का खेल बडे पेमाने पर खेला जा रहा है माइनिंग विभाग व पुलिस प्रशासन बन रहा है मूक दर्शक
खान व गोपालनमंत्री की विधानसभा क्षेत्र में भी अवैध बजरी व मिट्टी खनन का खेल बड़े पैमाने पर खेला जा रहा है। जहाँ माइनिंग विभाग व पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की रोक होने के बावजूद क्षेत्र में होकर निकल रही खाडी नदी में लंबे समय से अवैध खनन का खेल बदस्तूर चल रहा है। जहाँ नदी व वनविभाग, चारागाह की जगह से बड़ी मात्रा में अवैध बजरी, मिट्टी निकाली जा रही है। जगह-जगह सड़को के किनारे लगे काली बजरी के बड़े बड़े ढ़ेर इसके पुख्ता सबूत है। दिन रात दर्जनों टेक्ट्रर ट्राली काली बजरी कस्बे मे कही भी नजर आ सकते है। जिन्हें कोई रोकने-टोकने बाला नही है, अवैध खनन को लेकर माइनिंग विभाग व सीसवाली प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगते रहे है, लेकिन अपनी छवि को सुधारने का प्रयास दोनो विभाग द्वारा नही किया गया है। केवल ना मात्र की कार्यवाही कर पल्ला जाड रहे है।
आमजन पर ही भारी पड़ रही वसूली
अवैध बजरी व पत्थर पर हो रही वसूली आमजन पर ही भारी पड़ रही है। कभी 800 से 1000 रुपये में डाली जाने वाली बजरी 1500 से 2500 व 1000 से 1200 में डाली जाने पत्थर से भरी ट्रॉली 2000 से 2500 में डाली जा रही है। जिसका सीधा असर आमजन पर पड़ रहा है।
प्रदेश की सरकार बदले एक ढेड वर्ष हो गया। मगर सीसवाली कस्बे की खाड़ी नदी व चारागाह भूमि की हालात नहीं बदली। रेत उत्खनन करने में सफेदपोश पहने भी लगे हुए थे, और आज भी लगे हुए हैं। वक्त बदला है ओर कुछ नही खनन माफियाओ की शक्ल बदली है और उत्खनन करने का तरीका बदला है। आए दिन सड़कों पर हो रहे सड़क हादसों में बेकसूर लोग जान गवा रहे है। जिससे कई बच्चे यतीम हो गए, कई परिवार उजड़ गए। साथ ही कई माताओ की गोद सूनी हो गई है। इसके साथ-साथ कई महिलाओं की मांगों का सिंदूर समय से पहले पुछ गया है। लेकिन इन हादसो से रेत के कारोबारियों पर कोई फर्क नही पड़ रहा है। उन्हें तो रेत बैच कर अपनी हवेली और बड़ी करनी है। तिजोरियां ओर बड़ी करने की होड़ मची है। इस होड़ में निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक सब लगे हुए है। इस रेत के खेल में सब का हिस्सा जो है, सब मिल जुलकर खाड़ी नदी व चारागाह भूमि को लूटने में लगे है। इसमें सबकी जिम्मेदारी भी तय है। जिसका जितना हिस्सा है उसकी उतनी जिम्मेदारी भी है। इसी लिए आदेशों के जारी होने से लेकर कारवाही का ढोंग किया जा रहा है। अब जनता मरती है तो मरे खनिज संपदा लुटती हे तो लुटे।
रिपोर्टर
रविन्द्र कहार
बारां /राजस्थान
अवैध बजरी व मिट्टी खनन के खेल में सब भागीदार, प्रशासन और नेता खा रहे मलाई,
बारा जिले के सीसवाली कस्बे की खाड़ी नदी की तलहटी से खनन माफियाओं द्वारा जेसीबी मशीन से टेक्ट्रर ट्राली में भरकर अवैध बजरी निकाली जा रहे हैं ।जिससे पुरा रोड गिला हो जाता है वहीं भैरूपुरा का पुरा रोड क्षतिग्रस्त हो गया है। जिससे निकलने वाले वाहन चालक असंतुलन होकर गिर कर घायल हो जाते हैं।घायल व्यक्ति श्याम पुत्र किशोरीलाल ने बताया की सोमवार सुबह अपनी बाईक से सब्जी बेचने जा रहा था ।जो भैरूपुरा पुलिया पर अवैध बजरी से भरकर कर स्पीड से आ रहे टेक्ट्रर ट्राली मेरे पीछे से तेजगती में होर्रन लगाता हुआ निकल रहा था । जिससे बचने के चक्कर में बाइक को साइड में लेने लगा तो बाइक का सन्तुलन बिगड़ गया और में बाइक सहित भैरूपुरा खाड़ी नदी की पुलिया के निचे गिर गया था। जिससे में गंभीर रूप से घायल हो गया था।
वहीं भैरूपुरा गांव के अन्दर से अवैध बजरी से भरकर टेक्ट्रर ट्राली निकलते रहते हैं चालक शराब के नशे मे रात के समय तेज स्पिड मे टेप बजाते हुए निकलते हैं जिससे लोगों को रात के समय निन्द तक नहीं आती है वहीं पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में परेशानी आती है।पहले भी भैरूपुरा गांव में अवैध बजरी के टेक्ट्रर ट्राली से दुर्घटना हो चुकी है मगर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
सीसवाली कस्बे सहित आसपास के क्षैत्र मे इन दिनो अवैध बजरी, मिट्टी खनन का खेल बडे पेमाने पर खेला जा रहा है माइनिंग विभाग व पुलिस प्रशासन बन रहा है मूक दर्शक
खान व गोपालनमंत्री की विधानसभा क्षेत्र में भी अवैध बजरी व मिट्टी खनन का खेल बड़े पैमाने पर खेला जा रहा है। जहाँ माइनिंग विभाग व पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की रोक होने के बावजूद क्षेत्र में होकर निकल रही खाडी नदी में लंबे समय से अवैध खनन का खेल बदस्तूर चल रहा है। जहाँ नदी व वनविभाग, चारागाह की जगह से बड़ी मात्रा में अवैध बजरी, मिट्टी निकाली जा रही है। जगह-जगह सड़को के किनारे लगे काली बजरी के बड़े बड़े ढ़ेर इसके पुख्ता सबूत है। दिन रात दर्जनों टेक्ट्रर ट्राली काली बजरी कस्बे मे कही भी नजर आ सकते है। जिन्हें कोई रोकने-टोकने बाला नही है, अवैध खनन को लेकर माइनिंग विभाग व सीसवाली प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप लगते रहे है, लेकिन अपनी छवि को सुधारने का प्रयास दोनो विभाग द्वारा नही किया गया है। केवल ना मात्र की कार्यवाही कर पल्ला जाड रहे है।
आमजन पर ही भारी पड़ रही वसूली
अवैध बजरी व पत्थर पर हो रही वसूली आमजन पर ही भारी पड़ रही है। कभी 800 से 1000 रुपये में डाली जाने वाली बजरी 1500 से 2500 व 1000 से 1200 में डाली जाने पत्थर से भरी ट्रॉली 2000 से 2500 में डाली जा रही है। जिसका सीधा असर आमजन पर पड़ रहा है।
प्रदेश की सरकार बदले एक ढेड वर्ष हो गया। मगर सीसवाली कस्बे की खाड़ी नदी व चारागाह भूमि की हालात नहीं बदली। रेत उत्खनन करने में सफेदपोश पहने भी लगे हुए थे, और आज भी लगे हुए हैं। वक्त बदला है ओर कुछ नही खनन माफियाओ की शक्ल बदली है और उत्खनन करने का तरीका बदला है। आए दिन सड़कों पर हो रहे सड़क हादसों में बेकसूर लोग जान गवा रहे है। जिससे कई बच्चे यतीम हो गए, कई परिवार उजड़ गए। साथ ही कई माताओ की गोद सूनी हो गई है। इसके साथ-साथ कई महिलाओं की मांगों का सिंदूर समय से पहले पुछ गया है। लेकिन इन हादसो से रेत के कारोबारियों पर कोई फर्क नही पड़ रहा है। उन्हें तो रेत बैच कर अपनी हवेली और बड़ी करनी है। तिजोरियां ओर बड़ी करने की होड़ मची है। इस होड़ में निचले स्तर से लेकर उच्च स्तर तक सब लगे हुए है। इस रेत के खेल में सब का हिस्सा जो है, सब मिल जुलकर खाड़ी नदी व चारागाह भूमि को लूटने में लगे है। इसमें सबकी जिम्मेदारी भी तय है। जिसका जितना हिस्सा है उसकी उतनी जिम्मेदारी भी है। इसी लिए आदेशों के जारी होने से लेकर कारवाही का ढोंग किया जा रहा है। अब जनता मरती है तो मरे खनिज संपदा लुटती हे तो लुटे।
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रविन्द्र कहार
बारां /राजस्थान


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